ताजमहल एक सुंदर ईमारत है । मेरा जनम इस के आस पास की गलियों में हुआ है । सवेरे सवेरे जब हम स्कूल जाते थे तब ये बहुत सुंदर दीखता था। आज हम इस के साए से बहुत दूर है। मुझे आज भी वोः गलिया याद है। जब हम कॉलेज से बंक मार के ताज महल पहुँचा करते थे वो दिन भी मुझे याद है। एक बार मुझे मेरे पापा ने ताज महल में कॉलेज से बंक मार कर घूमते हुए देख लय था तब तोह पापा ने मुझे कुछ नही कहा पर घर आकर मेरी जो पिटाई लगी वो आज भी याद है । आज मै दिल्ली मै इंजिनियर हूँ । पर आज भी वो गलिया याद है ।
1 comment:
i love tajmahal
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